National Heros सैनिक v अभिनेता Popularity Hindi me


भारतीय सैनिकों एवं बाॅलीवुड कलाकार दोनो में ज्यादा प्रसिद्धि किसकी ? आइयें जानते है एक नए विचार के साथ

हमारा वतन हिन्दुस्तान जिसे विविधताओं का देश कहा जाता है और यहाँ की अखण्ड प्रजा जो स्वतंत्र रूप से घूमती फिरती हैं इन सब के पीछे हमारा सेना के जवानों का ही त्याग हैं या कहें तो इनकी दिन रात बाॅर्डर की निगरानी के वजह से ही हम अपने घरों में आराम की जिंदगी जी रहे हैं।

लेकिन जहाँ हमारे देश के जवान सरहद पर दिन रात जाद्दोजहद की जिंदगी जी रहें हैं वहीं हमारे देश के कुछ बाॅलीवुड कलाकार अपने अभिनय के दम पर इन्हें हँसाते हैं, इन्हें एहसास दिलाते हैं इन्हें मनोरंजन कराते हैं।

लेकिन बात त्याग का नहीं मनोरंजन का नहीं हैं। बात हैं प्रसिद्धि की।
हम जानते हैं कि हमारे सेना के जवान के रूतबे की बात ही अलग होती हैं। लेकिन हम अपना ज्यादा भावना इन बाॅलीवुड कलाकार को देते हैं। और ये सच हैं। 

जैसे हाल ही में हमारे देश के मशहुर अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत का आत्महत्या के कारण देहांत हो गया तो मैने देखा हर शोशल मिडिया साईट पर इनका प्रोफाइल पिक्चर लगा हुआ है।

लोगों की तरह-तरह की प्रतिक्रिया आ रही हैं लोग उन्हें श्रीधांजलि दे रहें हैं। सांत्वना व्यक्त कर रहें हैं। लेकिन कल हमारे देश में 20 जवान शहीद हो गये इनके लिए लोगों में किसी प्रकार की गर्माहट नहीं। ऐसा क्यूँ ?

हम ये नहीं कहते की इनका (बाॅलीवुड कलाकार) हम कद्र नहीं करते हैं हम मानते हैं कि ये लोग भी हमारे देश के धरोहर हैं लेकिन इन सब से कई ज्यादा हमारा सेना के जवानों का मर्तबा हैं।

अगर हमारे जवान आज ना होते तो हमारी जिंदगी तबाहों बर्बाद हो जाती। हम आज जो अपने घरों में आराम की जिंदगी अपने बाल बच्चों के साथ गुजार रहें हैं ये हमारे जवानों के त्याग का ही प्रतिफल हैं।

जैसा की आप लोग जान रहें हैं की हमारा देश विकासशील श्रेणी में हैं तो हमारी विकास की गति को रोकने के लिए हमारे पड़ोसी दुश्मन हम पर हमेशा घात लगाये हुए हैं।

हर बाॅर्डर इलाके में तनाव कि स्थिति बनी हुई हैं। कहीं गोलीबारी हो रहीं हैं तो कहीं बमबाजी फिर भी हमारे जवान वहाँ डंटे हुए हैं। लड़ रहें हैं किसके लिए हमारे लिय हमारे देश के लिए।

ऐसे में इन जवानों का हौसला अफजाई करना हमारा फ़र्ज हैं। उनके मनोबल को बढ़ाना हमारा फ़र्ज हैं।

और दुसरी तरफ हैं हमारें बाॅलीवुड कलाकार जो अपनी अभिनय के दम पर अपनी पहचान बनाते हैं हमलोगों के बीच। ये हमलोगों के बीच ही नहीं देश विदेश में भी अपनी साख बनाये हुए हैं।

इनकी ही कलाकारी की वजह से हम गाने सुनते हैं फ़िल्म देखतें हैं। और इंटरटें करते हैं।

फ़िल्म से याद आया एक सैनिक आधारित फ़िल्म- " अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों " जिसमें बाॅलीवुड महानायक अमिताभ बच्चन साहब के साथ बॉबी देयॉल, अक्षय कुमार इत्यादि कलाकारों ने अभिनय किया हैं क्या फ़िल्म हैं जवाब नहीं इसका। इसमें एक गाना जो हमारें देश के जवानों के प्रति गाया गया हैं इन्हीं कलाकारों के द्वारा।

           "  हम फ़ौजी इस देश की धड़कन हैं 
              हर दिल का हम प्यार माँ के दर्पण हैं  "

इसलिए तो हम इनका कद्र करते हैं। और इनलोगों की वजह से ही हमारे देश के कलाकर विदेशों में भी परचम लहरा रहें हैं।

लेकिन इनकी भी हिफाज़त हमारी सेना के जवान ही करते हैं। इसलिए हम अपनी सेना को असल हीरों मानते हैं। और उनकी प्रसिद्धि को हम क्या पूरी दुनिया मानती हैं।

इसलिए हमें हर संभव सेना के जवान का हौसला बढ़ाना चाहिए। ताकि उन्हें एहसास हो की हमारे पीछे हमारे देश की जनता हैं।

क्या भारतीय सैनिकों से बाॅलीवुड कलाकर की तुलना की जा सकती है ?


 नहीं, कतई नही।

सैनिक हमारे देश की धरोहर हैं इनकी वजह से ही ये बाॅलीवुड हीरो या हम खुली हवा में सांस लेते हैं। इसलिए हम एक बाॅलीवुड कलाकार की तुलना सैनिक से नहीं कर सकते।

बाॅलीवुड कलाकार हमें सिर्फ़ इंटरटेंमेंट का साधन मुहैया कराते हैं ये हमारें लोगों से ही पैसे कमाकर अमीर होते हैं लेकिन जब देश की जरूरत पड़ती हैं तो इनमें से कुछ ही लोग सामने आते हैं।

लेकिन हमारे सैनिक हर समय हर कदम पर हमारे साथ होते हैं चाहें कोई प्राकृतिक आपदा हो या मानवकृत आपदा। हर समय हमारे लिए हमारे देश के लिए जान निछावर करने को तैयार रहते हैं।

इसलिए मेरे ख्याल से लोगों को अपना नजरिया बदलना चाहिए। और बढ़ चढ़कर सैनिकों का हौसला अफजाई करना चाहिए चाहें शोशल मीडिया का माध्यम हो या कोई और।

हमारे देश के हर कोने से हर साल जवान सेना में भर्ती होते हैं।  उन जवानों का घर हमारे घरों के आस पास भी हैं। ऐसे में अगर कोई जवान शहीद होता हैं तो हमें बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेना चाहिये उनके घर वालों को सांत्वना देना चाहिये उन्हें श्रीधांजलि देनी चाहिए ताकि उनके घर वालों को थोरा भी एहसास ना हों की हम अकेला हैं।



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