बिहार की चुनावी राजनिति

बिहार की चुनावी राजनीति में इस बार विकास की आवाज पर अपने कुछ विचार आपलोग के समक्ष अपनी आवाज में।


भारत को राजनीतिज्ञों का देश कहा जाता है। यहाँ की हर गलियों में एक से एक विद्वान राजनीतिक मुद्दों पर अपनी राय रखते है। जो आपको किसी भी दुसरे देश में देखने को नही मिलेगा।

भारत को राजनीतिज्ञों का देश बनाने में हमारे बिहार राज्य का भी बहुत बड़ा योगदान रहा है। हमारे बिहार की ऐसी आबू हवा ही है की यहाँ आप जिधर भी जायेंगे तो आपको राजनीतिक मुद्दों पर विचार रखने वाले हजार के बाजार मिलेंगे। फिर भी हमारा बिहार का विकास आज तक एक उच्चतम पैमाने पर नहीं पहुँचा।

क्यूंकि हमारे बिहार में बाहुबलियों का चलती सदियों से रहा है। और इन्हीं लोग के कारण हमारा बिहार आज तक विकास में पीछे है। ये लोग अपना पेट भरने के लिए आम जनता की बलि चढ़ाते है।

लेकिन इन सब कारणों के पीछे कहीं न कहीं हमलोग ही जिम्मेवार है क्यूंकि हमलोग अपने अपने लालच के चक्कर में इन्हें वोट देकर उस पायदान पर पहुँचाते है।

एक समय था की हमारे बिहार की छवि पूरी दुनिया में दिखती थी यहाँ के कुछ बुद्धिजीवीयों के कारण 
जो इनके नाम इस प्रकार है:- देशरत्न डा. राजेन्द्र प्रसाद, बिहार केसरी श्री कृष्ण सिंह, वीर कुंवर सिंह(सभी स्वतंत्रता सेनानी)।।
कर्पूरी ठाकुर, ललित नारायण मिश्रा,जगन्नाथ मिश्रा, जयप्रकाश नारायण(सभी राजनीतिज्ञ)।।

लेकिन आज जो बिहार की दशा है वो हम सब के सामने दिखता है।सब अपने-अपने पेट भरने के चक्कर में पड़े है। आज समय बदल रहा है देश बदल रहा है तो हमें भी अपने आप को बदलना होगा दोस्तों।

हमारा बिहार कृषि प्रधान राज्य होते हुए भी यहाँ की फ़सलों की पैदवार अच्छी नहीं होती है क्यूंकि हमारे पास उच्च कोटि के तकनीक नहीं है। यहाँ के नेतागण जो देश स्तर पे कृषि मंत्री है फिर भी हमारा बिहार कृषि में पीछे है।

बिहार में इतने सारे कल कारखाने है जो पिछ्ले कितने सालों से बन्द पड़े है उसपर कोई भी नेतागण ध्यान ही नही देते है। और ये कह कर निकल जाते है कि अगर ये कल कारखाने शुरू हुए तो यहाँ की आबू हवा खराब हो जायगी। जो हमारे कृषि जीवन को बर्बाद कर देंगे।

इसी तरह हमारा शिक्षा स्तर भी बहुत नीचे है क्यूंकि यहाँ सिर्फ बड़े बड़े बिल्डिंग ही बनते है भले उसमें पढ़ाई हो या ना हो।

हमारे बिहारवासी आज इधर उधर भटक रहें है। ये लोग कितनी सारी परेशानियों को झेल रहे हैं। गाली सुनते है, पिटे जाते है , इन्हें धमकियाँ दी जाती है की तुम अपने राज्य चले जाओ। फिर भी ये लोग सारी परेशानियों को झेलकर अपने परिवार के लिए पैसे कमाने के लिए रुकते है। ताकि ये अपने परिवार का भरण पोषण कर सकें।

अगर आज हमारे बिहार में सभी प्रकार के सुविधा होती तो ये बेचारे क्यूँ कहीं भटकते। क्यूँ इधर उधर जाते। क्यूँ गाली सुनते। क्यूँ पिटे जाते।

आज पूरी दुनिया कोरोना वायरस की चपेट में है । सब लोग को पता है की शोशल डिसटेंस का पालन करना है एक दुसरे के संपर्क में नहीं आना है। लेकिन ये बेचारे मजदूर वर्ग के लोग अपने परिवार से मिलने के लिए कितने बेचैन है। इन्हें डर है कि कहीं मुझें कोरोना ना हो जाएँ
कहीं हम मर ना जाएँ।

इस डर से ये लोग कैसे अपने घरों को लौट रहें है कोई पैदल चलके आ रहा है तो कोई रिक्शा से चलके आ रहा है तो कोई साईकिल से, तो कोई ट्रक पे। जिसको जैसे सुविधा मिला वो आ रहा है।

लेकिन मेरे कहने का मतलब है कि अगर सारी सुविधायें हमारे बिहार में होती तो क्या ये लोग इन सारी परेशानियों का सामना करते।
नहीं भाईयों नहीं ।

आज बिहार में चुनावी दौर आनेवाला है ये नेतागण हमें बहुत सारी बातों में रिझाने आएंगे। हमें बहुत सारी लालच देंगे। इन सब चीजों से हमें बचना है। अपने अपने के चक्कर में अगर आप लालची बने तो फिर हमारा बिहार वैसे ही रहेगा जैसे पहले से है।

इनलोगों(नेतागण) का क्या है इन्हें हम वोट देकर जीता देंगे और ये हम पर ही अपना रोब जमायेंगे। ना तो इन्हें विकास की चिंता है ना ही इन्हें समाज की चिंता।

येलोग सिर्फ हमारी आपसी सौहार्द को बिगाड़ रहें है और हमें एक दुसरे से लड़ा कर अपना रोटी सेक रहें हैं।

हमारी बिहार की राजनीति अब विकास की राजनीति नहीं रही यहाँ जातिवाद की राजनीति होती है। और इनसब में हम ही जिम्मेवार है।

मेरे बिहारवासियों आपलोग जातिवाद की राजनीति में ना पड़ कर विकास की राजनीति करें ताकि हमारे बिहार राज्य का विकास हो।

आज जब चुनाव नजदीक है तो ये लोग तरह तरह के के वादे ही करेंगे लेकिन जैसे ही चुनाव खत्म वादें भी खत्म हो जायेंगे।

इसलिये आपको अब बिहार की विकास की लड़ाई लड़नी है। हमें अपने पूर्वजों के सपनें को चूर नही करना है। हमारें पूर्वजों ने जैसे सोचा था हमें वैसा बिहार बनाना है। ताकि हमारे भाई बहन इधर-उधर ना भटके।

हमें बिहार में रोजगार के लिए लड़ना है। शिक्षा स्तर को सुधारने की लड़ाई लड़नी है। आपसी सौहार्द बनाये रखने की लड़ाई लड़नी है। ताकि हमारे समाज का विकास हो। अगर समाज विकास करेगा तो अपना राज्य भी विकास करेगा और जब राज्य विकास करेंगे तो हमारा देश भी विकास करेगा। 

         
                         (Written by :- Meraj Hashmi)



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