लॉकडाऊन के नियम और कानून



लॉकडाऊन या इमरजेंसी में आम नागरिकों पर कौन-कौन से कानूनी अधिनियम लागू किया जाता है?

जैसा कि आप जानते है की किसी भी देश में अगर कोई आपदा आता है या किसी कारणवश इमरजेंसी लागू होता है तो वहाँ के आम नागरिकों को कुछ कानून के शर्त को मानना पड़ता है। अगर  आप कानून को नहीं मानते है तो इस हालत में आपको जेल जाना  या जुर्माना भी देना पड़ता है। ऐसा ही हाल अभी का चल रहा है। दुनिया में चारों तरफ कोरोना वायरस नामक बीमारी ने हाहाकार मचाया हुआ है। इस आफत से बचने के लिए हमारे भारतीय संविधान में कुछ कानून का जिक्र किया गया है जो आम नागरिकों पे लागू किया जाता है। तो आइये हम जानते है उस कानून के बारें में जो हर इमरजेंसी में लागू किया जाता है।

Disaster management act 2005 क्या है?

कोई भी आपदा चाहे प्राकृतिक हो या मानवकृत जैसे:- भुकंप,सुनामी या कोई भी जानलेवा वायरस इत्यादि आने पर उत्पन्न महाविपत्ती के प्रकोप को रोकने के लिए एक अधिनियम बनाया गया  जिसे Disaster management act 2005 या आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 कहा जाता है। ऐसे में इस अधिनियम के अंतर्गत कुुछ कानून का जिक्र किया गया है।

According to Disaster management Act 2005


  •  धारा (Act) 144

डिजास्टर मैनेजमेंट कानून 2005 के तहत धारा 144 को लागू किया जाता है। 
किसी भी जगह किसी प्रकार के घटनाक्रम में जब हालत बिगड़ने लगता है तो धारा 144 को लागू किया जाता है। इस कानून के तहत किसी भी जगह भीड़-भाड़ की इजाजत नही होती है या कहीं भी चार आदमी एक साथ खड़े नही हो सकते। किसी प्रकार का सामूहिक या धार्मिक कार्यक्रम नही कर सकते। अगर इस कानून का कोई उलंग्घन करते पकड़ा जाता है तो पुलिस द्वारा धारा 107 या 151 के तहत उस व्यक्ति को गिरफ्तार करने का अधिकार है एवं कानून के तहत  एक साल की सजा का प्रावधान किया गया है।


  •  धारा(Act) 188

डिजास्टर मैनेजमेंट कानून 2005 के तहत धारा 188 को लागू किया जाता है।
अगर किसी जगह किसी कारणवश इमरजेंसी लागू है उस स्थिति में बिना वजह फ़िज़ूल में आप कहीं घुमते-फिरते है और पुलिस के द्वारा पकड़ जाते है तो धारा 188 के तहत आपको गिरफ्तार किया जा सकता है या जुर्माना भी देना पड़ सकता है। इस कानून के तहत सजा का प्रावधान 1 महीना का है एवं जुर्माना 200रु।


  • धारा(Act) 51


लॉकडाऊन के दौरान अगर कोई  भी व्यक्ति किसी सरकारी कर्मचारी को उसकी काम में बाधा डालने कि कोशिश करता है तो उस स्थिति में उस व्यक्ति को 1 साल का सजा एवं कुछ जुर्माना देने का प्रावधान है।


  • धारा(Act) 52,53

लॉकडाऊन के दौरान कोई भी व्यक्ति अगर किसी भी प्रकार का सरकारी लाभ झूठ बोलकर लेता है और यदि वह उस लाभ का हकदार नहीं है तो इस एवज में पकड़े जाने पर 2 साल की सजा एवं कुछ जुर्माने का प्रावधान किया गया है।


  • धारा(Act) 54

लॉकडाऊन के दौरान किसी भी जगह अगर कोई घटना घटी हो या किसी प्रकार का सार्वजनिक मामलात है तो उस स्थिति में कोई भी व्यक्ति अगर झूठी अफ़वाह या कोई झूठा खबर फैलाता है तो पुलिस द्वारा पकड़े जाने पर 1 साल की जेल की सजा हो सकती है।


  • धारा(Act) 55

यह धारा सरकारी विभाग मामलो में अपराध से संबंधित है।


  • धारा(Act) 56

लॉक डाऊन के दौरान कोई भी सरकारी जिम्मेदार अधिकारी अगर अपने शक्ति का गलत दुरुपयोग करते है और सरकार द्वारा बनाए नियम का पालन नही करता है तो उसे गम्भीर परिणाम का सामना करना पड़ सकता है।


  • धारा(Act) 57

इस धारा के अंतर्गत किसी भी इमरजेंसी में राष्ट्रिय,राज्य या जिला कार्यकरिणि समिति के द्वारा किसी भी वाहन,भवन एवं अन्य संसाधन को उपयोग में लेने का प्रावधान है। अगर इसका कोई पालन नहीं करता है तो उस स्थिति में उस व्यक्ति पर कानूनी कार्यवाही किया जा सकता है और एक साल के लिए जेल की सजा भी हो सकता है।


  • धारा(Act) 58,59,60

धारा 58 निजी कंपनियां से संबंधित,धारा 59 किसी भी योजना के पूर्व मंजूरी के संबंध में है और धारा 60 में न्यायालय द्वारा हुए अपराध के मामला से  संबंधित है।

इस प्रकार किसी भी आपदा से लड़ने के लिए भारतीय संविधान में कुछ कानून बनाये गये हैं। और हमारी जिम्मेदारी है कि इस लॉकडाऊन में इन सभी कानून के नियम का पालन करें।









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