धर्मं की राजनीति

इस लॉकडाऊन में धर्मं की राजनीति का लोगो पर क्या असर पड़ रहा है आइये जानते है


भारत में आज से नही बल्कि सदियों से धर्मं की राजनीति का मामला होते रहा है जो अब तक खत्म नही हुआ और ना ही कभी खत्म होगा। क्यूंकि यहाँ की राजनीतिक पार्टिया अगर धर्म की राजनीति ना करे तो यहाँ से इनका पत्ता ही साफ हो जायेगा।

इनके पास अगर इससे अलग कोई मुद्दा होता तो शायद हम इस दल-दल से कब का निजात पा लेते। और कहीं भी कोई भी किसी को भला बुरा नही कहता।

लेकिन बात यहीं पर खत्म नहीं हुआ अब आज जब पूरे दुनिया कोरोना वायरस नामक बिमारी से जूझ रही है तो भारत के राजनीतिज्ञ मिडिया के माध्यम से इसे मुसलमानों द्वारा फैलाए जाने की बात करते है। इन्हें सब पता होता है की यहाँ के लोगो को कैसे भड़काना है उनके अन्दर आग कैसे लगाना है ताकि हमारी रोजी रोटी चल सके।

लेकिन हर बार ये लोगों को बेवकूफ़ बना के सफ़ल हो जाते है। और हम लोग इनके चंगूल में फांस जाते है थोरी थोरी लालच के चक्कर में।

शायद हमलोग इस बारें में नही सोचते की हमारे एक वाक्य से इसका असर कितने लोग पर पड़ेगा। इस दुनिया में मैने ये देखा की लोग अपने फायदे के लिए कैसे किसी का गला काटते है। मानवता नाम का कोई चीज ही नही रहा अब इस दुनिया में।

भारत में चाहे जिस भी राजनीतिक पार्टी का बोल बाला रहा है इन पार्टी के राजनीतिज्ञ अपनी जेब भरने के लिए एक दुसरे को कैसे लड़वाते है ये तो हम देखते ही है। लेकिन आज हमारे देश की जो स्थिति है अगर ऐसा ही रहा तो आने वाले जेनरेशन एक दुसरे को तबाह कर लेंगे और इसका जिम्मेदार ये राजनीतिक पार्टियाँ होंगी।

आज फिर से एक दुसरे में फूट डालो की निति चल रही है।

जब भारत में कोरोना बिमारी का असर बढ़ रहा था तो सब को पता था की ये बिमारी चीन से आई है लेकिन कुुछ पार्टी के लोगो द्वारा इसे मुसलमानो द्वारा फैलाए जाने की बात कही गई। लेकिन आज ये बिमारी अपने चर्म सीमा पर पहुँच चुका है क्या इसका भी कारण मुस्लिम समुदाय के लोग है। नही भाईयों ये सब एक साजिश का नतीजा है जो किसी धर्म के लोगो को बरगलाने की कोशिश की जा रही है।

जिसका असर आज पूरे देश में देखने को मिल रहा है। कुछ लोग मुस्लिम समुदाय के लोगो को शक की नजरों से देख रहे है। इन सब का जिम्मेदार कौन है ये राजनीतिक पार्टियाँ।

हमलोग इनलोगो के चक्कर में अपना आपसी सौहार्दय को बिगाड़  रहे है जो सदियों से एक अटूट बंधन में बँधा है। लोग अब अपनी अपनी किसी विशेष धर्म के लोगो के दुकान से खरीदारी कर रहे है ऐसा क्यूँ। क्या इसका असर देशव्यापी स्तर पर नही पड़ेगा। पड़ेगा भाईयों ।।

हमें इन सब कारणों के पीछे की सच को जानने की जरूरत है और अपने दिमाग से चलने की जरुरत है ताकि इनलोगों को मुहतोड़ जवाब दिया जाना चाहिए। जो इन सब कारणों के पीछे है। और हमें हमेशा की तरह आपसी सौहार्दय को बना के रखने की जरूरत है।

इन लोगों का क्या जाता है जाता है तो जनता का, हमलोगों का, जो हमें आपस में लड़ा कर खुद निकल जाते है और हमें बीच रास्ते पर मरने को छोड़ जाते है। और हम इस कश-म-कश में पड़ कर अपनी जिंदगी को बर्बाद कर लेते है।

आज भारत में ये जो कुछ दिन में भुखमरी की हालत देखने को मिली है अगर इन सब मुद्दों पर येलोग सोचते तो शायद कुछ गरीबों का भला होता। लोग इस लॉकडाउन में अपने परिवार के बीच आने को मजबूर ना होते।

हमें खुद और अपने पड़ोसियों के साथ चाहे हिंदू हो या मुसलमान सब से मिल-जुल कर रहना है और हर सुख-दुख में इनका साथ देना।।।


                           (Written by:- Meraj Hashmi)

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