हिन्दू मुस्लिम एकता में विखण्डता का जिम्मेवार कौन???

धर्मनिरपेक्ष देश में एकता तोड़ने का जिम्मेवार कौन???


आज कल जो आप हर तरफ देख रहे है हिन्दू मुस्लिम एकता नही विखण्डता दिख रहा है। आखिर क्यूँ ? मुझे समझ नही आता एकतरफ हम संविधान में पढ़तें हैं "हम भारत के लोग भारत को प्रभुत्वसंपन्न,समाजवादी,धर्मनिरपेक्ष,लोकतांत्रिक गणराज्य ,व्यक्ति की गरिमा,राष्ट्र की एकता और अखंडता" को बनाये रखने की बात करते है और दुसरी तरफ हम एक दुसरे की धर्म को ठेस पहुँचा रहे है ऐसा क्यूँ? इस देश मे जो भी धर्म के लोग है उनसबको एकसमान अधिकार है रहने का हो तब या कोई धार्मिक कार्य का हो ये पुरा हक़ हमलोग को संविधान देता है और ये भी कि किसी के कहने से भी कोई यहाँ से नही जा सकता क्यूँकि ये हमारी मातृभूमि है जीना यहीं और मरना भी यहीं है। लेकिन कुछ असामाजिक तत्व के कारण ये जो एकता है भंग होते दिख रहा है। हमलोग क्या कर रहे है? उनकी(असमाजिक तत्व) बातो में आकर हमलोग एक गलत दिशा में जा रहे है। क्या ये हमारा फर्ज नही है की हमलोग साथ मिलकर उन्हें सबक सिखाये।
जब हम छोटे थे तो एक साथ स्कूल जाते,साथ-साथ बैठकर
एक ही लंच बॉक्स मे खाते,खेलते,दोस्तों के घर जाते उस समय हमे ये भी पता नही था की धर्म क्या होता है इत्यादि। लेकिन आज हम एक-दुसरे को हीन भावना से देखते है। भारत में सदियों से जो हिन्दू मुस्लिम का रिस्ता है वह टूटते दिख रहा है ऐसा क्यूँ दोस्तो? आज भी हमारे समाज में जब किसी के यहाँ शादी-विवाह संपन्न होता है तो साथ-साथ मिलकर हम एकदुसरे की मदद करते है,खुशी मनाते है। लेकिन वो आज टूटता दिख रहा है। हम इतना कट्टर क्यूँ हो रहे है? क्या इसका कोई समाधान नही है? आज देश स्तर पे कोई बात होती है किसी भी धर्म के लोगो को लेकर तो  हम एक दुसरे से ऐसे वार्तालाप करते है की लगता है की अगर सामने होता तो जान से मार देते क्या हम इतने कट्टर हो गये है? क्या हम मानव नही है जानवर बन गए है? ऐसा नही है दोस्तो की इसका समाधान नही है, इसका समाधान है और वो आप ही हो क्युंकि इस धरती पे मानव से ज्यादा समझदार प्राणी कोई नही है। कृप्या ये हिन्दू-मुस्लिम से ऊपर उठकर एक दुसरे के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढीये और सारी गलत ताकतो को खत्म किजिए यही समय है। आज हमारे देश मे कोरोना वायरस का प्रकोप पूरी तरह से हावी है इसे मिलकर खत्म करना है तो हमे सरकार की बातो को मानना है इसे उल्लंघन नही करना है। आज सबके पास andriod फोन है उसपे बहुत सारी न्यूज़ आती है मिडिया के माध्यम से जिसमे बहुत सारी हिन्दू -मुस्लिम की फिजूल की बाते भी रहती है उनसब से हमें बचना है क्यूँकि वो अपनी TRP को बढाने के लिए ये सब करते है।

 कृप्या आपलोगो से निवेदन है की इस हिन्दू-मुस्लिम एकता को बनाये रखें इसे तोड़े नही। भारत को धर्मनिरपेक्ष देश कहा जाता है यहां हिन्दू-मुस्लिम-सिख-ईसाई हमेशा एक साथ रहे है और रहेंगे।और ये मन मे कभी ना आये कि मेरा धर्म अच्छा है उनका धर्म बुरा है। इस दुनिया मे जितने भी धर्म है वो किसी को गलत रास्ता नही दिखाता, सभी धर्म के लोगो का इज्जत (respect) करे। यही हमारी मानवता है। कृप्या गलत मानसिकता वाले लोगो से बचें।

                                     (Written by: Meraj Hashmi)

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